पुस्तक परिचय
प्रस्तुत ग्रन्थ में पाशुपतसूत्र पञ्चार्थभाष्य मूल एवं हिन्दी अनुवाद सहित प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही आचार्य भासर्वज्ञ विरचिता गणकारिका रत्नटीका (मूल एवं हिन्दी अनुवाद), शिवपुराण की वायुसंहिता (पूर्वभाग एवं उत्तरभाग), ब्रह्मसूत्रशाङ्करभाष्य, माधवाचार्यविरचित शङ्करदिग्विजय तथा नकुलीशपाशुपतदर्शनम् भी संकलित हैं। इस प्रकार यह ग्रन्थ पाशुपत एवं शैव दर्शन से सम्बन्धित प्रमुख मूल ग्रन्थों एवं उनकी टीकाओं का एक समग्र संकलन प्रस्तुत करता है।




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